
दिल्ली के ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने वाले बारापुल्ला फेज-3 फ्लाईओवर प्रोजेक्ट में भारी देरी और खर्च में असीमित वृद्धि के मामले ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) का ध्यान आकर्षित कर लिया है। अज्ञात सरकारी अधिकारियों और एक निजी ठेकेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7ए व 13 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
उपराज्यपाल ने अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सिफारिश पर इसकी जांच के आदेश दिए थे, जिसमें सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ का चूना लगने की आशंका जताई गई। 8 जुलाई 2025 की व्यय वित्त समिति की बैठक में भी परियोजना की लेटलतीफी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और गैर-कुशल अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता पुरस्कार स्वीकार करने की जांच की मांग उठी।
यह 3.5 किमी लंबा चार लेन का ऊंचा कॉरिडोर सराय काले खां से जुड़ेगा। 2011 में मंजूर, 2014 में 1260.63 करोड़ का बजट और 2015 में एलएंडटी को ठेका मिला। अक्टूबर 2017 तक पूरा होना था, लेकिन जमीन कब्जा, पेड़ कटौती अनुमति और विभागीय सुस्ती ने इसे लटका दिया।
अब जून 2026 तक खत्म होने की उम्मीद, 1238.68 करोड़ खर्च हो चुके, नई लागत 1330 करोड़। लोक निर्माण विभाग को सभी दस्तावेज एसीबी को सौंपने के निर्देश। एलएंडटी ने जांच में सहयोग का वादा किया।
एसीबी की इस कार्रवाई से दिल्ली की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में पारदर्शिता की उम्मीद जगी है। जांच के नतीजे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।