
जोधपुर पुलिस ने साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के मामले में गहन जांच के लिए नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व वाली यह टीम हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना शुरू हो चुका है।
मौत से ठीक पहले दिए गए इंजेक्शन ने जांच को नया मोड़ दिया है। सभी संभावित कोणों पर काम तेज है, जिसमें मोबाइल कॉल डिटेल्स, साधना कुटीर आश्रम के सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण शामिल है।
कंपाउंडर देवी सिंह को हिरासत में लेकर सवालिया दौर चल रहा है। क्या इंजेक्शन डॉक्टरी सलाह पर था? कौन सी दवा? मौत से इसका कनेक्शन? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
एसआईटी साध्वी के पिता और आश्रम सदस्यों तक जांच बढ़ाएगी। बालोतरा के पारेऊ गांव की प्रेम बाईसा ने दो साल की उम्र में मां खोने के बाद संत राजाराम और कृपाराम महाराज के सान्निध्य में भगवत कथा व भक्ति संगीत में निपुणता हासिल की।
पाल रोड के साधना कुटीर का उद्घाटन बाबा रामदेव जैसे महानुभावों ने किया। उनकी मौत ने राजस्थानभर में सनसनी फैला दी है, न्याय की मांग तेज हो गई है।