
भारत की पर्यावरण संरक्षण यात्रा को एक और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड को रामसर साइट का दर्जा प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मान्यता नीति, सुरक्षा और संरक्षण की उस प्रक्रिया को दर्शाती है जहां पारिस्थितिकी और विकास एक साथ प्रगति करते हैं। उन्होंने एटा के निवासियों और वेटलैंड संरक्षण में योगदान देने वालों को हार्दिक बधाई दी।
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने विश्व वेटलैंड्स दिवस से ठीक पहले यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत का रामसर नेटवर्क अब और मजबूत हो गया है। ये साइट्स जैव विविधता के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ये मान्यताएं हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं। स्थानीय समुदायों के सहयोग से ये वेटलैंड प्रवासी पक्षियों और अन्य प्रजातियों के लिए सुरक्षित आश्रय बने रहेंगे।
ये साइट्स न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखेंगी बल्कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास में भी योगदान देंगी। भारत का यह कदम वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में मजबूत संदेश देता है।