
वॉशिंगटन। जेफरी एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े सेक्स ट्रैफिकिंग कांड में अमेरिकी न्याय विभाग ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। विभाग ने लाखों दस्तावेज, वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। यह खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एपस्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम के तहत किया गया है, जो 19 नवंबर 2025 से लागू हुआ।
उप महान्यायवादी टॉड ब्लैंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुल 3.5 मिलियन पेज जारी किए गए हैं, जिनमें 2,000 से अधिक वीडियो और 1.80 लाख फोटो शामिल हैं। इस प्रक्रिया में 500 से ज्यादा वकील और एफबीआई विशेषज्ञों ने 75 दिनों तक दिन में दो बार से अधिक बैठकें कीं।
शुरुआत में 60 लाख पेजों पर विचार था, लेकिन गोपनीयता और कानूनी जांच के बाद संख्या घटी। जारी सामग्री में जांच दस्तावेज, ईमेल, साक्षात्कार नोट्स, एपस्टीन के उपकरणों से जब्त सामग्री शामिल है। इसमें व्यावसायिक अश्लील सामग्री भी है, जो एपस्टीन ने स्वयं नहीं बनाई।
कानून के मुताबिक पीड़ितों की निजी जानकारी, बच्चों के शोषण वाली सामग्री, चल रही जांच को प्रभावित करने वाले दस्तावेज और हिंसक चित्र रोके गए। राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना नहीं लिया गया। सभी महिलाओं के चेहरे छिपाए गए, सिवाय मैक्सवेल के। सांसदों को बिना संपादन वाली फाइलें देखने की अनुमति है।
ब्लैंच ने मैक्सवेल के गुप्त सौदे के दावों को खारिज किया और ट्रंप को बचाने के आरोपों को नकारा। ‘हमने किसी की रक्षा नहीं की, कानून का पालन किया।’ विभाग संसदीय समितियों को रिपोर्ट सौंपेगा।
एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हुई थी। मैक्सवेल सजा काट रही है। यह रिलीज नए खुलासों का द्वार खोल सकती है।