
अहमदाबाद ने डिजिटल गवर्नेंस और जनसुरक्षा में मील का पत्थर साबित करते हुए देश की पहली पुलिस एजेंसी के रूप में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के साथ आधार-सक्षम मेहमान सत्यापन के लिए समझौता किया है। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच की इस पथिक पहल ने गुजरात के होटलों में चेक-इन प्रक्रिया को पूरी तरह कागज-रहित, तेज और विश्वसनीय बना दिया है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर इसकी सराहना करते हुए कहा कि पथिक—ट्रैवलर एंड होटल इन्फॉर्मेटिक्स का विश्लेषण कार्यक्रम—होटल चेक-इन को स्मार्ट बना रहा है। ओवीएसई 2026 के तहत लॉन्च इस सिस्टम में होटल वाले क्यूआर कोड बनाते हैं, जिसे मेहमान मोबाइल से स्कैन कर आधार से लिंक पहचान सत्यापित करवाते हैं। न फोटोकॉपी, न फॉर्म और न हस्ताक्षर की जरूरत।
इसकी खासियत है गोपनीयता-प्रथम सहमति मॉडल, जहां बिना मेहमान की अनुमति कोई डेटा साझा नहीं होता। इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज जालसाजी और पहचान चोरी रुक जाती है। रीयल-टाइम फेस वेरिफिकेशन से अपराधी या संदिग्ध तत्वों का प्रवेश असंभव हो जाता है।
पथिक किरायेदार सत्यापन, स्टाफ जांच और सामुदायिक सुरक्षा में भी उपयोगी है। संघवी ने कहा, यह पर्यटकों का विश्वास बढ़ाता है और गुजरात को तकनीक-संचालित पर्यटन राज्य बनाता है। यह सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता का अनूठा संगम है।