
बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा ट्विस्ट आ गया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सीएम नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से इस केस की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है। अब तक बिहार पुलिस की एसआईटी इसकी तफ्तीश कर रही थी।
मामला तब गरमाया जब एफएसएल रिपोर्ट में मृतका के इनरवियर पर पुरुष स्पर्म के निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए। शुक्रवार को परिजनों ने डीजीपी से मुलाकात की और जांच में देरी का रोना रोया।
राजनीतिक घमासान तेज हो गया। आरजेडी के एजाज अहमद ने सरकार पर निशाना साधा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे तो खूब लगाए जाते हैं, लेकिन इस केस में लगता है सरकार अपराधियों को बचाने में जुटी है।
वहीं बीजेपी के प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बेटियों के न्याय पर समझौता न करने का संकल्प दिखाया है। सुशासन का मतलब शब्द नहीं, कर्म है। दोषी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून की कठघरा में खड़ा होगा।
छात्रा की मौत ने अभिभावकों में दहशत फैला दी है। कोचिंग सेंटर्स में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। सीबीआई की जांच से उम्मीद है कि सच सामने आएगा और न्याय मिलेगा।