
पटना में शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक नीट अभ्यर्थी छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में कड़ा रुख अपनाया। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने डीजीपी विनय कुमार और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को अपने आवास पर तलब कर लिया। यह कार्रवाई पीड़ित परिवार की अपील के ठीक बाद हुई, जिन्होंने बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
जहानाबाद की यह छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी। पटना के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान चोटों से उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट ने यौन शोषण की पुष्टि की, जिससे पुलिस का सुसाइड थ्योरी ध्वस्त हो गया।
परिवार ने पुलिस पर रिश्वतखोरी और मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाए। मां ने डीजीपी से मिलते हुए भावुक होकर कहा कि क्या बेटी को इंसाफ मिलेगा। एसआईटी ने छह संदिग्धों को हिरासत में लिया है, लेकिन रिपोर्ट में देरी से सवाल उठे हैं।
चौधरी के आवास पर पटना आईजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री खुद हर पहलू पर नजर रखे हुए हैं। जनता और विपक्ष का दबाव बढ़ रहा है, सरकार पर त्वरित न्याय की मांग तेज। यह मामला छात्र सुरक्षा और पुलिस सुधार की जरूरत को रेखांकित करता है।