
नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने फ्रांस के परिवहन मंत्री फिलिप टाबारोट के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक पहले हुई, जो दोनों देशों के हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
मंत्री नायडू ने एक्स पर पोस्ट साझा कर बताया कि वे इस बैठक से सम्मानित महसूस कर रहे हैं। चर्चा का केंद्र भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को हवाई कनेक्टिविटी से और सशक्त बनाने पर रहा।
शहरीकरण की चुनौतियों और बढ़ती कनेक्टिविटी मांगों से निपटने के लिए सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी पर द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया गया। ई-वीटीओएल और ड्रोन आधारित शहरी हवाई सेवाओं जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने की बात हुई।
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक विमानन शक्ति बनने की राह पर है। फ्रांस के साथ विमानन कौशल और प्रशिक्षण इकोसिस्टम विकसित करना प्रमुख लक्ष्य बताया गया।
भारत का नागरिक उड्डयन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। विंग्स इंडिया 2026 में फ्रांस समेत 20 देशों ने कनेक्टिविटी, सस्टेनेबिलिटी और एमआरओ पर विचार मंथन किया।
एसएएफ जीवाश्म ईंधन का पर्यावरण अनुकूल विकल्प है जो उत्सर्जन घटाने में कारगर साबित हो सकता है। राफेल से सिविल एविएशन तक के पुराने सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
यह बैठक दोनों देशों के विमानन क्षेत्र में सहयोग को नई गति प्रदान करेगी।