
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। केपी अग्रहारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर गोविंदराजू को लोकायुक्त अधिकारियों ने शुक्रवार को मैसूर रोड के सीएआर ग्राउंड पर 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह मामला चिट फंड धोखाधड़ी से जुड़ा है, जो अनियमित जमा योजनाओं पर रोक अधिनियम 2019 के तहत दर्ज हुआ था।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक शिवप्रकाश देवराज ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता अकबर से मामले से नाम हटाने के एवज में कुल 5 लाख रुपये मांगे थे। 24 जनवरी को 1 लाख रुपये ले चुके थे, शेष 4 लाख रुपये लेते समय जाल में फंस गए।
गिरफ्तारी के बाद इंस्पेक्टर ने जमकर हंगामा किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वे चिल्ला रहे थे और छह अधिकारियों को उन्हें काबू करने में पसीना छूट गया। इससे पहले आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान भी विवाद हुआ था, जहां बिना नोटिस के कार्रवाई पर सवाल उठे।
थाने में पहुंचने पर सौदा तय हुआ। होयसला गश्ती वाहन बुलाकर आरोपी को लाया गया और रिश्वत की मांग की गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गोविंदराजू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह घटना कर्नाटक पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है। लोकायुक्त की यह सफलता आमजन में विश्वास जगाती है कि रिश्वतखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी कार्रवाइयां तेज होंगी।