
नई दिल्ली में शुक्रवार को दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कूटनीतिक गतिविधियां जोरों पर रहीं। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने लीबिया के विदेश मंत्री नज्म एल-दीन एल-अरबाश से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों ने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सकारात्मक बातचीत की।
जयशंकर ने एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि लीबिया की स्थिति पर दी गई जानकारी के लिए आभार। उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए संवाद और कूटनीति की भारत की पक्षधरता पर बल दिया। लीबिया की अस्थिरता के बीच यह चर्चा रणनीतिक महत्व की है, जहां भारत आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है।
विदेश मंत्रालय ने एल-अरबाश का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगी। सोमालिया के विदेश मंत्री अहमद मोअलिम फिकी भी पहुंचे, जिनकी यात्रा संबंधों को और गहरा करेगी।
गुरुवार को अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घीत की आमद हुई। एमईए ने उनकी मेजबानी को भारत-अरब साझेदारी की मजबूत प्रतिबद्धता बताया। यह बैठकें ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद विरोध और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं।
भारत-अरब संबंध सदियों पुराने हैं, जो अब आर्थिक आयामों से मजबूत हो रहे हैं। जयशंकर की सक्रिय कूटनीति से अपेक्षाएं हैं कि ठोस समझौते होंगे, जो दोनों पक्षों के हित में होंगे।