
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करोड़ों के बैंक धोखाधड़ी मामलों में लंबे समय से फरार दो घोषित अपराधियों को शुक्रवार को दो अलग-अलग शहरों में चलाए गए अभियान में गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारियां वित्तीय अपराधों के खिलाफ एजेंसी की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के बांसवाड़ा का संजय शर्मा (जिन्हें संजीव दीक्षित और पंकज भारद्वाज नाम से भी जाना जाता है) और गुजरात के वडोदरा की शीतल शर्मा (आरती शर्मा नाम से पहचानी जाती हैं) शामिल हैं। दोनों वर्षों से भूमिगत थे और अदालतों ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।
सीबीआई के मुताबिक, संजय पर 13 मार्च 2013 के केस में पंजाब नेशनल बैंक को 9.95 करोड़ का चूना लगाने और 11 जुलाई 2013 के मामले में 4 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। आरती को 30 अगस्त 2016 को भगोड़ा घोषित किया गया, जबकि संजय को 2016-17 में दो बार।
हरियाणा पुलिस ने संजय को 2014 में पकड़ा था, लेकिन 2016 में सोनीपत कोर्ट से फरार हो गए। वित्तीय ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा विश्लेषण से उनका पता चला। जाली दस्तावेजों के साथ पकड़े गए दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।
ये कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में व्याप्त धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मामलों में आगे जांच जारी रहेगी।