
सीहोर में एक महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा लोकसभा क्षेत्र के रायसेन जिले के शाहगंज में सीएम राइज स्कूल का नवीन भवन उद्घाटित किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने गरीब और मेधावी बच्चों को उच्च कोटि की शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इन स्कूलों की स्थापना की थी। अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि वे जैत में जन्मे, नर्मदा नदी के किनारे एक साधारण सरकारी स्कूल में पढ़े। मेहनत से उन्होंने सीमाओं को तोड़ा। लेकिन गरीब परिवारों के बच्चे प्राइवेट स्कूलों की ऊंची फीस affording नहीं कर पाते।
कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पताल के बेड पर लेटे हुए उन्हें यह विचार आया कि ऐसे स्कूल खोले जाएं जहां गरीब बच्चे भी प्राइवेट जैसी शिक्षा पाएं। विशेषज्ञों से परामर्श कर तीन दिनों में फैसला लिया गया। यह स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस है—मल्टीपरपज हॉल, फिजिक्स-मैथ्स-केमिस्ट्री लैब, पुस्तकालय, स्टाफ रूम, प्राचार्य कक्ष, मॉड्यूलर किचन, वर्षा जल संचयन, उद्यान व्यवस्था, सोलर पैनल, स्मार्ट क्लासरूम, रनिंग ट्रैक, खेल मैदान, नई फर्नीचर और उपकरण। ये प्राइवेट स्कूलों से कहीं बेहतर हैं।
चौहान ने कहा कि धनाभाव में कोई प्रतिभा दबनी नहीं चाहिए। प्राचार्य और स्टाफ से 100 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य रखने को कहा। साथ ही दिव्यांगों को मोटराइज्ड साइकिल, रेहड़ी-पटरी वालों को स्ट्रीट वेंडर योजना और कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ देने की घोषणा की।
मध्य प्रदेश में सीएम राइज स्कूल गरीब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी बन रहे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला रहे हैं।