
नई दिल्ली में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हो रहा है। इसकी तैयारियों के तहत गुरुवार और शुक्रवार को अरब देशों के कई विदेश मंत्री राजधानी पहुंचे। भारत और यूएई के सह-आयोजन में शनिवार को होने वाली इस बैठक से दोनों पक्षों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद है।
लीग ऑफ अरब स्टेट्स के महासचिव अहमद अबुल घीत गुरुवार को सबसे पहले नई दिल्ली उतरे। विदेश मंत्रालय ने उनका हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आगामी दो दिनों की चर्चाएं भारत-अरब साझेदारी को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाएंगी।
उसी दिन कोमोरोस के मबे मोहम्मद, फिलिस्तीन के वारसेन अगाबेकियन शाहीन और सूडान के मोहिएलदीन सलीम अहमद इब्राहिम भी आ गए। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इनका स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
शुक्रवार को कतर के विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी का आगमन हुआ, जिनके दौरे से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और सशक्त होगी। लीबिया के एल्ताहर एस एम एलबौर और सोमालिया के अब्दिसलाम अली तथा अहमद मोअलिम फिकी भी पहुंचे।
विदेश मंत्रालय ने इन सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, बताते हुए कि ये यात्राएं द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देंगी।
इससे पहले शुक्रवार को चौथी भारत-अरब वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। यह मंच 2016 में बहरीन में पहली बार आयोजित हुई थी, जहां अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति जैसे पांच क्षेत्र चुने गए थे।
2002 में भारत और एलएएस के बीच एमओयू से औपचारिक बने इस मंच से सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। वैश्विक बदलावों के बीच यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।