
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए असाधारण और गंभीर खतरा करार दिया है। 30 जनवरी को व्हाइट हाउस में हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और क्यूबा को तेल मुहैया करने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया।
आदेश में क्यूबा सरकार की नीतियों को अमेरिकी सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरा बताया गया है। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा अमेरिका के दुश्मनों जैसे रूस, चीन, ईरान, हमास और हिजबुल्लाह को शरण देता है तथा उन्हें अपने क्षेत्र में उन्नत सैन्य व खुफिया सुविधाएं स्थापित करने का न्योता देता है।
क्यूबा में रूस का सबसे बड़ा विदेशी जासूसी केंद्र सक्रिय है, जबकि चीन के साथ उसके सैन्य संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। हमास-हिजबुल्लाह जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देकर क्यूबा क्षेत्रीय स्थिरता को चुनौती दे रहा है।
लंबे समय से क्यूबा प्रतिबंध तोड़ने वाले देशों को सैन्य सहायता देता आ रहा है। ट्रंप ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सत्ता पर आतंकवाद को बढ़ावा देने, अवैध प्रवास और हिंसा फैलाने के आरोप लगाए। साथ ही अपने नागरिकों पर अत्याचार करने का भी इल्जाम लगाया।
राजनीतिक विरोधियों को यातनाएं, बोलने की आजादी पर रोक, प्रेस पर पाबंदी, धार्मिक उत्पीड़न और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश जैसी कमियां उजागर की गईं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्यूबा सरकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगा।
नई टैरिफ व्यवस्था में क्यूबा को सीधे या परोक्ष रूप से तेल बेचने वाले देशों के सामान पर शुल्क लगेगा। वाणिज्य, विदेश, वित्त मंत्रालय आदि मिलकर इसका फैसला करेंगे। यह कदम क्यूबा को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की दिशा में बड़ा प्रयास है।