
बिहार में आज से जमीन और मकान की रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव आ गया है। 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति के पंजीकरण के लिए PAN कार्ड देना अनिवार्य हो गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी जिलों के निबंधकों को पत्र जारी कर इसकी सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बड़े सौदों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और कर चोरी पर अंकुश लगाना है।
पहले यह नियम 30 लाख से ऊपर के लेन-देन पर लागू था, लेकिन अब सीमा घटाकर 10 लाख कर दी गई है। जिनके पास PAN नहीं है, उन्हें आयकर फॉर्म 60 या 61 भरना होगा। पूर्णिया के अवर निबंधक उमा शंकर मिश्रा ने बताया कि उनके कार्यालय में यह नियम लागू हो चुका है और सूचना पट्ट पर आदेश चस्पा कर दिया गया है। शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्र, सभी जगह यह लागू होगा।
आयकर विभाग के पत्र पर अमल करते हुए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि पहले 10 लाख से ऊपर की छोटी संपत्तियों के रिकॉर्ड में PAN की कमी से आय ट्रेसिंग मुश्किल हो जाती थी। अब जमीन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ेंगी। 50 लाख से अधिक के सौदों में खरीदार को 1 फीसदी टीडीएस काटना अनिवार्य है, अन्यथा 20 फीसदी तक जुर्माना। इससे फर्जी रजिस्ट्री और विवाद कम होंगे, आम खरीदारों को फायदा होगा और सरकार को राजस्व में इजाफा मिलेगा।