
जालंधर में श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित एक समारोह में पंजाबी सूफी गायक और पूर्व भाजपा सांसद हंस राज हंस ने हार्दिक बधाई दी। उन्होंने संत के आदर्शों की सराहना करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा को पूरी तरह समाप्त घोषित कर दिया।
गुरु रविदास को क्रांतिकारी संत और गरीबों के उद्धारक बताते हुए हंस राज हंस ने कहा कि उन्होंने भेदभाव मिटाया और बेगमपुरा का सपना देखा, जो बिना ऊंच-नीच के समाज का प्रतीक है। ‘यह शब्द इतना शक्तिशाली है कि राष्ट्रगान बन सकता है।’
राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, ‘मैंने राजनीति को पीछे छोड़ दिया है। चुनाव, जीत-हार से कोई लेना-देना नहीं। पहले खुद को सही ठहराने की कोशिश करता था, अब केवल संगीत पर ध्यान।’
उनका राजनीतिक सफर 2009 में शिरोमणि अकाली दल से शुरू हुआ, जहां पहला लोकसभा चुनाव हार गए। 2016 में कांग्रेस जॉइन की, फिर भाजपा में आए। 2019 में दिल्ली की उत्तर-पश्चिम सीट से जीत हासिल की, पीएम मोदी के लिए गीत भी गाया।
पीएम मोदी के दौरे से पूर्व खालिस्तानी संगठनों की धमकियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने पंजाब की सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठाए।
गुरु रविदास के उपदेश समानता और भक्ति के इस पर्व पर हंस राज हंस का संगीत की ओर लौटना प्रेरणादायक है।