
भारतीय शतरंज की दुनिया में एक नया अध्याय लिखने जा रही हैं 19 वर्षीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख। वे 2026 में नॉर्वे चेस विमेन टूर्नामेंट में डेब्यू करेंगी और 2024 से शुरू हुए इस आयोजन की सबसे युवा खिलाड़ी बनकर इतिहास रचेंगी।
नॉर्वे चेस के बयान में दिव्या ने अपनी खुशी जाहिर की, ‘नॉर्वे चेस में खेलने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। यह मेरा पहला मौका है। नॉर्वे को करीब से देखने और इस अनोखे फॉर्मेट का लुत्फ उठाने का इंतजार नहीं हो रहा। सभी प्रशंसकों को उनका प्यार और समर्थन देने के लिए धन्यवाद। मिलते हैं वहां।’
टूर्नामेंट के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में दिव्या के 2025 के शानदार प्रदर्शन का जिक्र किया गया। उन्होंने फिडे महिला विश्व कप जीता, जीएम खिताब हासिल किया और 2026 महिला कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई किया। 19 साल की उम्र में चौथी भारतीय महिला जीएम बनने वाली दिव्या ने हालिया शतरंज ओलंपियाड में व्यक्तिगत व टीम गोल्ड जीते।
ओस्लो में सबसे कम उम्र की प्रतिभागी के रूप में उतरेंगी दिव्या। सीओओ बेनेडिक्टे वेस्ट्रे स्कोगा ने कहा, ‘भारत युवा शतरंज प्रतिभाओं का अंबार लगा रहा है। दिव्या इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। नॉर्वे चेस विमेन में उनका स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। उनके डेब्यू से भारतीय दर्शकों से जुड़ने को उत्साहित हैं।’
2025 में विश्व कप जीत के साथ जीएम बनीं दिव्या ने भारत के शतरंज क्षेत्र में उभार को प्रमाणित किया। अंतरराष्ट्रीय पटल पर उनकी सफलताएं उन्हें अपनी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार करती हैं। यह डेब्यू भारतीय शतरंज के सुनहरे भविष्य का संकेत देता है।