
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की ताकत को रेखांकित करते हुए बताया कि यह राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को हल करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जिसमें प्रगति जैसी पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम हैं।
रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम साय ने कहा कि प्रगति—यानी प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन—केवल परियोजनाओं की निगरानी नहीं, बल्कि कम सरकार-ज्यादा शासन की मिसाल है। यह जवाबदेही, पारदर्शिता और नई कार्य संस्कृति को मजबूत करता है।
भारतीय लोकतंत्र विश्व पटल पर आदर्श है, जिसमें केंद्र-राज्य समन्वय की बड़ी भूमिका है। प्रगति इस समन्वय को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मजबूत पुल बना रहा है।
देशभर में 85 लाख करोड़ की 3300 से ज्यादा परियोजनाओं को गति मिली है। एक देश-एक राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, पीएम आवास, स्वनिधि और स्वच्छ भारत जैसी 61 योजनाओं में सुधार हुआ। बैंकिंग से मातृत्व वंदना तक 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण मजबूत किया गया।
छत्तीसगढ़ में 6.11 लाख करोड़ के 99 राष्ट्रीय प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें 50 पूर्ण। प्रगति पर राज्य के 200 मुद्दों में 183 हल हुए—91% सफलता दर। पावर में 24, सड़क में 23, रेल में 14, कोयला 7, इस्पात 9 प्रोजेक्ट सुलझे।
भिलाई स्टील प्लांट, लारा थर्मल पावर और रायपुर-कोडेबोड फोरलेन जैसी लंबित परियोजनाओं को गति मिली, जिससे उद्योग फला-फूला और युवाओं को रोजगार मिला। प्रगति सुशासन का सशक्त हथियार है।