
अंतरराष्ट्रीय पटल पर तेजी से बदलते हालात के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने चीन की यात्रा शुरू की है। यह आठ वर्षों बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री का चीन दौरा है। स्टार्मर हाल के दिनों में चीन पहुंचने वाले एकमात्र विदेशी नेता नहीं हैं।
सीजीटीएन के सर्वेक्षण में 85.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि विदेशी नेताओं की बार-बार यात्राएं बहुध्रुवीय दुनिया और समावेशी वैश्वीकरण पर वैश्विक सहमति को दर्शाती हैं।
64.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि स्टार्मर की यात्रा विदेश नीति में स्थिरता लाने का प्रयास है। चीन-ब्रिटेन आर्थिक संबंधों का आधार पारस्परिक लाभ है। पिछले वर्ष द्विपक्षीय व्यापार 103.7 अरब डॉलर तक पहुंचा।
85.8 प्रतिशत ने चीन के विशाल बाजार को ब्रिटिश कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बताया। द्विपक्षीय सहयोग हमेशा फायदेमंद साबित हुआ है।
83.1 प्रतिशत का कहना है कि आपसी सम्मान, समानता और लाभ के सिद्धांतों पर चलकर दोनों देश मजबूत संबंध बना सकते हैं। 68.2 प्रतिशत ने मतभेदों के तर्कसंगत संवाद से समाधान की वकालत की।
यह यात्रा दोनों देशों के लिए नई शुरुआत साबित हो सकती है, जो वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देगी।