
बांग्लादेश की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद ने वित्त वर्ष के बीच में एडीपी की बड़ी समीक्षा की और स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्रों में भारी कटौती कर दी। कुल एडीपी आकार 12.5 प्रतिशत घटाकर 2,08,935 करोड़ टका कर दिया गया, जो जीडीपी का 3.3 प्रतिशत है। पहले यह 2,30,000 करोड़ टका था।
स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां 18,148 करोड़ टका के मूल बजट में 74 प्रतिशत की कटौती हुई। माध्यमिक व उच्च शिक्षा का आवंटन 28,557 करोड़ से 55 प्रतिशत कम कर दिया गया। पहले छह माह में खर्च दर कमजोर रहने, राजस्व लक्ष्य न चैना, विदेशी सहायता में देरी और परियोजनाओं की कमी से यह कदम उठाया गया।
स्थानीय सरकार इंजीनियरिंग विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा 37,534 करोड़ टका मिला, जिसमें सामाजिक सुरक्षा, गरीबी निवारण, बुनियादी ढांचा और स्थानीय रखरखाव शामिल। संशोधित एडीपी में 1,330 परियोजनाएं हैं- 1,108 निवेश, 35 अध्ययन, 121 तकनीकी सहायता और 66 स्व-वित्त पोषित।
यह कटौती कैंसर, किडनी व हृदय रोग उपचार को प्रभावित कर सकती है, जबकि शिक्षा में कमी से ड्रॉपआउट बढ़ने का खतरा। अल्पकालिक उपाय भले ठीक लगे, लेकिन सामाजिक क्षेत्रों की कार्यान्वयन कमजोरी के मूल कारणों पर गहन जांच जरूरी है ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित हो।