
नोएडा पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सेक्टर-10 स्थित फर्जी कॉल सेंटर लैप्स हो चुकी बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था। फेस-1 थाने की टीम ने वरुण शर्मा, मदन गुप्ता और प्रदीप वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, पीएनटी फोन और कॉलिंग शीट्स जब्त की गईं। यह केंद्र पिछले छह माह से सक्रिय था और आरोपी लोकेशन बदल-बदलकर पुलिस से बचते थे। मुख्य आरोपी वरुण शर्मा केंद्र चलाता और कमाई बांटता था।
गिरोह ने जस्ट डायल से 10 हजार रुपये में 5 हजार लोगों का डेटा खरीदा। फोन करके लैप्स पॉलिसी के पैसे लौटाने का लालच दिया और 10,500 से 1 लाख तक प्रोसेसिंग फीस वसूल ली। देशभर में 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं।
20 बैंक खाते फ्रीज, जिनमें 1.20 करोड़ रुपये। ठगी की रकम क्रिकेट सट्टेबाजी में लगाई जाती, 20% कमीशन लेकर बाकी लौटाया जाता। जस्ट डायल को नोटिस की तैयारी।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी। पुलिस अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए सतर्क है। आमजन से अपील—संदिग्ध कॉल्स पर सावधान रहें। यह कार्रवाई साइबर ठगी के खिलाफ मजबूत संकल्प दर्शाती है।