
नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत सेहत पेश की है। वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरा है। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चौथे साल भारत को सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक नींवें अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुई हैं। वैश्विक चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हुए 7 प्रतिशत से ऊपर विकास दर हासिल की गई है। सरकार विकास पर कंजूसी किए बिना राजकोषीय अनुशासन पर चल रही है, वित्त वर्ष 26 के लिए घाटा लक्ष्य 4.4 प्रतिशत है।
पूंजीगत व्यय में 89 प्रतिशत की उछाल आया है, जो 11.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। जीडीपी का 3.9 प्रतिशत अब प्रभावी कैपेक्स है, जो महामारी पूर्व 2.7 प्रतिशत से दोगुना है। ये निवेश महत्वाकांक्षी अर्थव्यवस्था की ताकत बन रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग 60 प्रतिशत बढ़े, 91,287 किमी से 1.46 लाख किमी हो गए, माल ढुलाई आसान हुई। बैंकों का जीएनपीए 2.2 प्रतिशत पर कई दशकों का न्यूनतम, लाभ 16.9 प्रतिशत बढ़ा।
सर्वेक्षण में स्वदेशी से रणनीतिक अनिवार्यता की प्रगति बताई गई, जिससे विश्व भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देगा। विनियमन ढील और विनिर्माण मजबूती से भारत वैश्विक नेता बनेगा।