
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर 1 फरवरी 2026 को पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है।
चन्नी ने पत्र में उल्लेख किया कि संत गुरु रविदास जी केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और मानवता के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएं भारत के संवैधानिक मूल्यों का अभिन्न हिस्सा बनी हुई हैं। पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित कई राज्यों में उनकी जयंती पर लाखों श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
विशेष रूप से चिंता का विषय यह है कि यह तारीख केंद्रीय बजट पेश होने के दिन से मेल खा रही है। भले ही यह रविवार को पड़ रही हो और प्रतिबंधित छुट्टी का दर्जा रखती हो, लेकिन संसदीय कार्यों के कारण सांसद इस पर्व में शामिल नहीं हो पाएंगे।
चन्नी ने अनुरोध किया है कि गुरु जी की विरासत का सम्मान करते हुए संसद के कार्यों में समायोजन किया जाए। यह मांग न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करेगी, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगी। सरकार का फैसला पूरे देश के रविदासिया समुदाय की नजरों में होगा।