
दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित 25वें भारत रंग महोत्सव में अभिनेता पंकज त्रिपाठी का नाटक ‘लाइलाज’ मंच पर चमकेगा। यह महोत्सव भारतीय रंगमंच का सर्वोच्च मंच है, जहां देशभर से चुनिंदा नाटकों का प्रदर्शन होता है। पंकज के लिए यह चयन जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शुमार है।
पंकज ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि थिएटर उनकी जड़ें हैं और एनएसडी ने उन्हें अभिनय की सच्ची शिक्षा दी। ‘यहां ‘लाइलाज’ का मंच मिलना सपनों जैसा है।’ उन्होंने रूपकथा रंगमंच बैनर के तहत पत्नी मृदुला के साथ इस नाटक का निर्माण किया है, जिसे फैज मोहम्मद खान ने लिखा-निर्देशित किया।
दस साल बाद स्टेज पर वापसी कर रहे पंकज के साथ उनकी बेटी आशी भी पहली बार मंच पर उतरेंगी। ‘बेटी संग अभिनय करना अविस्मरणीय है,’ पंकज बोले। मृदुला ने कहा कि उनका उद्देश्य सच्ची कहानियां कहना था और यह चयन प्रेरणादायक है।
माता-पिता के रूप में आशी के डेब्यू पर भावुक मृदुला ने थिएटर की ताकत पर जोर दिया, जो समाज को जोड़ता और आईना दिखाता है। यह नाटक महोत्सव में दर्शकों को भावनाओं का रोलरकोस्टर राइड देगा, जिसमें कला, परिवार और मेहनत की मिसाल होगी।