
नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप पहचान सत्यापन को अभूतपूर्व रूप से सरल, तेज और सुरक्षित बना देगा। अब मोबाइल में ही डिजिटल आधार रखकर जरूरत पर साझा किया जा सकेगा, बिना हार्ड कॉपी या फोटोकॉपी के।
ऐप की मुख्य खूबी है चुनिंदा डेटा शेयरिंग। किसी लेन-देन के लिए जितनी जानकारी चाहिए, उतनी ही साझा करें। एयरपोर्ट पर चेकिंग, होटल चेक-इन, अस्पताल में एंट्री या मूवी टिकट बुकिंग सब आसान हो जाएंगे। क्यूआर कोड से ऑफलाइन वेरिफिकेशन, फेस मैचिंग और उम्र प्रमाणीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
होटल, अस्पताल, गिग वर्कर्स और सर्विस पार्टनर्स के लिए खास फीचर्स हैं। बायोमेट्रिक को एक क्लिक में लॉक-अनलॉक करें, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखें और ‘वन फैमिली-वन ऐप’ से पांच प्रोफाइल मैनेज करें। मोबाइल नंबर अपडेट भी ऐप से ही।
सुरक्षा पर जोर: वेरिफायर एजेंसी आधार नंबर स्टोर नहीं कर सकतीं। केवल डिजिटल साइन वाली डेटा शेयर होती है, जो डीपीडीपी कानून अनुरूप है। यूआईडीएआई द्वारा विकसित यह ऐप मंत्री जितिन प्रसाद ने जारी किया।
मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह डेटा मिनिमाइजेशन को बढ़ावा देगा। यूआईडीएआई अधिकारी इसे कागज-रहित सिस्टम की ओर बड़ा कदम बता रहे हैं, जहां कस्टम क्यूआर से सटीक जानकारी साझा हो सकेगी। भविष्य में और सुविधाएं जुड़ेंगी।