
प्रसिद्ध फिल्मकार सुभाष घई ने गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात को अपनी जिंदगी का सबसे प्रेरणादायक अनुभव करार दिया। राष्ट्रपति भवन में हुई इस भेंट ने उन्हें गहरी सोचने पर विवश कर दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद साधारण पृष्ठभूमि का व्यक्ति कैसे देश के सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है।
सोशल मीडिया पर फोटो साझा करते हुए घई ने लिखा कि राष्ट्रपति मुर्मु की जीवन गाथा इतनी प्रेरक है कि इसके आधार पर फिल्म बनाना किसी भी कलाकार के लिए गौरव का विषय होगा। उनकी सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति हर युवा को सिखाती है कि साहस हो तो कोई बाधा असंभव नहीं।
घई ने जोर देकर कहा कि हर बच्चे को उनकी कहानी अवश्य जाननी चाहिए, जो यह संदेश देती है कि सफलता बड़े शहरों या खास खानदानों तक सीमित नहीं। गणतंत्र दिवस के होम रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात हुई, जिसे उन्होंने अविस्मरणीय बताया।
पीएम मोदी की आंखों में झलकने वाली भावनाओं और मुस्कान से स्वागत ने घई को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने मोदी के व्यक्तित्व को जादुई करार देते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। यह अनुभव गणतंत्र दिवस को और भी खास बना गया।
सुभाष घई के ये विचार देश के नेतृत्व की प्रेरणा शक्ति को रेखांकित करते हैं, जो लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं।