
नई दिल्ली में 31 जनवरी को होने वाली भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक के लिए अरब देशों के कई विदेश मंत्री पहुंच चुके हैं। यह उच्चस्तरीय सम्मेलन भारत और अरब जगत के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
गुरुवार को कोमोरोस के मबे मोहम्मद, फिलिस्तीन की वार्सेन अगाबेकियन शाहीन और सूडान के मोहिउद्दीन सलीम अहमद इब्राहिम नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने उनका भव्य स्वागत किया और कहा कि ये यात्राएं द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाएंगी तथा जन-जन के संपर्क को बढ़ाएंगी।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के सह-अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और महासचिव की मौजूदगी में होगी। लगभग 10 वर्षों के अंतराल पर हो रही यह बैठक पहली बार राजधानी में प्रस्तावित है। 2016 में बहरीन में हुई पहली बैठक में अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया एवं संस्कृति जैसे पांच क्षेत्रों में सहयोग के रोडमैप बनाए गए थे।
भारत अरब लीग का पर्यवेक्षक सदस्य है। मुख्य बैठक से ठीक पहले 30 जनवरी को चौथी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी होगी। यह मंच 2002 के समझौते से शुरू हुआ संवाद प्रक्रिया का सर्वोच्च संस्थागत रूप है, जिसे 2008 में अरब-भारत सहयोग मंच के रूप में मजबूत किया गया और 2013 में संशोधित हुआ।
20 से अधिक देशों ने इस बैठक और 2026 की अगली बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है। उम्मीद है कि आर्थिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में नई परियोजनाएं सामने आएंगी।