
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह कई प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की भयानक धमकियां मिलीं। एमिटी और बिरला विद्या निकेतन जैसे संस्थानों को अज्ञात फोन कॉल्स व ईमेल के जरिए निशाना बनाया गया, जिसके फौरन बाद परिसर खाली कराए गए और व्यापक तलाशी अभियान चलाए गए।
दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एंटी-सबोटेज टीमें, बम डिस्पोजल स्क्वायड, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और स्थानीय पुलिस बल को तैनात कर दिया। छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं।
पिछले दिन द्वारका कोर्ट को भी इसी तरह की फर्जी ईमेल धमकी मिली थी, जो जांच में खोखली साबित हुई। हाल के महीनों में स्कूलों, महाविद्यालयों व सरकारी भवनों को बार-बार ऐसी झूठी चेतावनियां परेशान करती रही हैं। साइबर विशेषज्ञ अब इनके स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं।
पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना 112 या नजदीकी थाने पर देने की अपील की है। ये घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती हैं, जहां डिजिटल धमकियां वास्तविक भय पैदा कर रही हैं। अधिकारियों का आह्वान है—सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं।
भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने हेतु उन्नत निगरानी, साइबर कानूनों का सख्ती से पालन व जागरूकता अभियान जरूरी हैं, ताकि शहर की पढ़ाई का माहौल सुरक्षित रहे।