
नई दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस 2026 की भव्य परेड ने देश की एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक वैभव का शानदार प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि तीनों सेनाओं में भारतीय नौसेना का मार्चिंग दल सर्वोच्च स्थान हासिल करने में सफल रहा। इसकी सटीकता और जोश ने निर्णायकों को प्रभावित किया।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में महाराष्ट्र ने प्रथम पुरस्कार जीता। ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ विषयक इस झांकी ने परंपरा और आधुनिकता का अनुपम संगम दिखाया। जम्मू-कश्मीर की हस्तशिल्प व लोकनृत्य झांकी दूसरे स्थान पर रही, जबकि केरल की ‘वॉटर मेट्रो और पूर्ण डिजिटल साक्षरता’ विषयक झांकी तीसरे पायदान पर。
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में दिल्ली पुलिस का दल अव्वल रहा। केंद्रीय मंत्रालयों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम्: एक राष्ट्र की आत्म-ध्वनि’ झांकी सबसे आगे। विशेष पुरस्कार सीपीडब्ल्यूडी की 150 वर्ष स्मृति झांकी और नृत्य दल को मिले।
मायगव पोर्टल पर जनमत सर्वेक्षण से असम रेजिमेंट सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल चुनी गई। सीआरपीएफ को सीएपीएफ में पहला स्थान। गुजरात की स्वदेशी-आत्मनिर्भरता झांकी जनपसंदीदा रही, उसके बाद उत्तर प्रदेश की बुंदेलखंड संस्कृति और राजस्थान की ऊंटा कला। शिक्षा विभाग की राष्ट्रीय शिक्षा नीति झांकी भी लोकप्रिय हुई।
ये पुरस्कार परेड के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत, सांस्कृतिक विविधता और नवाचार के संदेश को मजबूती प्रदान करते हैं।