
लंदन। पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसक घटनाओं में भारी उछाल देखा जा रहा है। कराची में ट्रांस अधिकारों की प्रमुख कार्यकर्ता बिंदिया राणा पर उनके घर में हुई गोलीबारी ने इस संकट की भयावहता को सामने ला दिया है।
19 जनवरी को राणा अपने घर में चाय पी रही थीं। उनके साथ जेंडर एलाइंस इंटरएक्टिव की सहकर्मी जेहरिश खान जादी भी थीं। रसोई से रिमोट से दरवाजा खोलते ही तीन गोलियां चल गईं। हमलावर फरार हो गए, लेकिन राणा बाल-बाल बच गईं।
जेहरिश ने बताया कि अगले दिन पुलिस में अज्ञात आरोपियों पर शिकायत दर्ज कराई गई। वे पाकिस्तान में ट्रांसजेंडरों के खतरों से वाकिफ थीं, मगर घर में हमले की कल्पना न की हो। ‘जिनकी रक्षा हम करते हैं, वे ही अब निशाने पर हैं।’
यह घटना ट्रांस महिलाओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों की कड़ी है। सितंबर में सी व्यू बीच पर नादिरा पर चाकूबाजी हुई, जो भीख मांग रही थीं और सेक्स वर्क ठुकराया। एचआईवी प्रभावित नादिरा ने 2500 रुपये बचाए, लेकिन पेट में घायल हुईं। दो दिन बाद कराची बाहरी इलाके में तीन ट्रांस महिलाओं की गोली मार हत्या।
जेंडर एलाइंस के अनुसार, 2022 से सितंबर 2025 तक सिंध में 55 हत्याएं, जिनमें 17 कराची में। खैबर पख्तूनख्वा में ट्रांस महिलाओं को ‘युवा भ्रष्टाचार’ के आरोप में इलाके छोड़ने का फरमान। स्वाबी डांस इवेंट में 200 गिरफ्तार, चार ट्रांस समेत।
ट्रांसजेंडर अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। सरकार और समाज को एकजुट होकर इस हिंसा का मुकाबला करना होगा।