
मुंबई का मनोरंजन जगत कभी कलाकारों की गहरी यारी और हंसी-मजाक से भरा रहता था। टॉक शो ‘कोशिश से कामयाबी तक’ में दिग्गज अभिनेता ओम पुरी ने पुराने जमाने के ऐसे ही रोचक किस्से बयां किए, जिन्हें सुन स्टूडियो में ठहाके गूंजे।
होस्ट ने ओम से पूछा कि क्या वे वाकई अमरीश पुरी के भाई हैं? ओम ने हंसते हुए इनकार किया, लेकिन अपनी अमरीश की दमदार आवाज की नकल का जिक्र आया। फिर बात नसीरुद्दीन शाह की पत्नी रत्ना और गीता वशिष्ठ के साथ मस्ती पर पहुंची।
ओम ने बताया, ‘एक दिन मैंने नसीर के घर फोन किया। रत्ना ने उठाया। मैंने नसीर को बुलाया, फिर अमरीश की आवाज में बोल दिया- अरे भाई, घर बुला लिया करो, खिला-पिला दिया करो।’ रत्ना भ्रमित हुईं तो ओम हंसते हुए खुद को बता दिया।
गीता वशिष्ठ का किस्सा और भी लाजवाब। उन्होंने ओम को बताया कि शाम को उनका बर्थडे है। बाद में फोन पर आंसरिंग मशीन मिली। ओम ने अमरीश बनकर मैसेज दिया- भाई, हमें क्यों याद करोगी? शुभकामनाएं, बुलाओ ज whomever बुलाना है।
गीता उत्साहित होकर अमरीश को फोन कर बैठीं। ‘पुरी साहब, आपका मैसेज मिला, शाम को आइए।’ अमरीश अचंभित, ‘कैसा मैसेज?’ गीता ने समझाया तो वे भड़के- वो ओम का कारनामा है! लेकिन जन्मदिन मुबारक।
ये किस्से बॉलीवुड के उन सुनहरे दिनों की याद दिलाते हैं जब दोस्ती में मस्ती होती थी। ओम पुरी जैसे कलाकारों ने ऐसी यादें अमर कर दीं।