
नई दिल्ली में बुधवार को एनसीसी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने इसे ‘सभी सौदों की मां’ करार देते हुए कहा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियानों को अभूतपूर्व बल प्रदान करेगा। युवाओं के लिए यह ‘आकांक्षा की स्वतंत्रता’ है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह करार दुनिया की एक चौथाई जीडीपी और एक तिहाई वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। दुनिया इसे गेमचेंजर डील मान रही है। इससे पहले भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों के साथ एफटीए किए हैं, जो लाखों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोल रहे हैं।
27 यूरोपीय देशों वाले इस समझौते से स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा। फंडिंग आसान होगी और क्रिएटिव सेक्टर जैसे फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत व डिजाइन को बढ़ावा मिलेगा। रिसर्च, शिक्षा, आईटी व अन्य सेवाओं में भी अपार संभावनाएं खुलेंगी।
यह व्यापक सौदा आत्मनिर्भर भारत को गति देगा। भारत के 99 प्रतिशत से ज्यादा निर्यात पर शुल्क शून्य या न्यूनतम होगा। टेक्सटाइल, चमड़ा, आभूषण, जूते व इंजीनियरिंग उत्पादों को फायदा होगा। बुनकरों व छोटे उद्यमियों को 27 देशों के बाजार मिलेंगे।
निवेश बढ़ेगा, जिससे इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा प्लांट लगेंगे। कृषि, फूड प्रोसेसिंग व मत्स्य पालन में नए अवसर सृजित होंगे। किसानों व ग्रामीण नौजवानों को लाभ होगा। यह एफटीए भारतीय युवाओं को यूरोप के जॉब मार्केट से जोड़ेगा।