
नई दिल्ली में आयोजित भारत-ईयू क्लीन एनर्जी एंड क्लाइमेट पार्टनरशिप (सीईसीपी) के तीसरे चरण की बैठक में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने हिस्सा लिया। यूरोपीय आयोग की ऊर्जा निदेशक जनरल डिट्टे जूल जॉर्गेनसन भी इस चर्चा में शरीक रहीं। इसी बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में अंतिम रूप दिए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर यूरोपीय देशों से लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।
यह समझौता वस्तुओं, सेवाओं, व्यापार उपचारों, उत्पादन नियमों, सीमा शुल्क सुविधा के साथ-साथ छोटे-मध्यम उद्यमों और डिजिटल व्यापार जैसे नए क्षेत्रों को कवर करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर बताया कि सिबी जॉर्ज ने बैठक में संबोधन दिया, जो भारत-ईयू संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा के समृद्धि और स्थिरता के आधार को मजबूत करेगा।
भूटान में भारतीय दूतावास ने एफटीए को भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति में बड़ी जीत करार दिया। इससे भारत और 27 सदस्यीय ईयू ब्लॉक के बीच आर्थिक जुड़ाव नई ऊंचाइयों को छुएगा। दोनों पक्ष खुले बाजार, अनुमानित नीतियों और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने हिंदी में ट्वीट कर प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया, कहा कि यह करार आर्थिक व राजनीतिक रिश्तों को और सशक्त बनाएगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने भी टिप्पणी की कि ट्रंप की घरेलू उत्पादन नीति से ईयू को भारत जैसे वैकल्पिक बाजारों की तलाश है।
ये घटनाक्रम भारत-ईयू साझेदारी को नई दिशा देंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और व्यापार में सहयोग बढ़ाएंगे।