
नई दिल्ली। तमिलनाडु में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत बनाने और उनकी चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति एफपीओ की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करेगी तथा विस्तार और पहुंच बढ़ाने के उपाय सुझाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की हालिया एरोड यात्रा के दौरान किसानों और हितधारकों ने एफपीओ के सामने आने वाली परिचालन, तकनीकी एवं बाजार संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इन सुझावों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मंत्रालय ने समिति बनाने का निर्णय लिया।
समिति में नाबार्ड, नाफेड, एसएफएएफसी-तमिलनाडु, आईसीएआर-एनआरसीबी, एफपीओ प्रतिनिधि, एनजीओ और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। यह दल संस्थागत शासन, व्यावसायिक संचालन, तकनीकी सहायता, एकत्रीकरण, मूल्य संवर्धन, विपणन तथा क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों की पड़ताल करेगा।
समिति बेहतर व्यापार मॉडल, उन्नत तकनीक समर्थन, संस्थागत समन्वय और मजबूत बाजार संपर्क पर सिफारिशें देगी। विशेष रूप से केला, हल्दी, नारियल, टैपिओका तथा प्राकृतिक-जैविक खेती पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
दो माह में रिपोर्ट सौंपने वाली यह समिति आईसीएआर-एटीएआरआई, हैदराबाद के नेतृत्व में कार्य करेगी, जिसमें एनआरसीबी तिरुचिरापल्ली और केवीके सहयोग करेंगे। यह कदम एफपीओ को सशक्त बनाकर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।