
कोच्चि में कन्नड़ फिल्म ‘कोरगज्जा’ के प्रमोशन के दौरान एक शर्मनाक घटना ने पूरे फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया। दिग्गज अभिनेता कबीर बेदी ने इसे अपमानजनक करार दिया है। फिल्म टीम का आरोप है कि ममूटी की मलयालम फिल्म ‘चाथापाच’ की टीम ने जानकर उसी समय प्रेस कॉन्फ्रेंस रख दी, जिससे उनका कार्यक्रम रद्द हो गया।
यह पैन-इंडियन कन्नड़ फिल्म कर्नाटक के तुलु नाडु के लोक देवता कोरगज्जा की जीवंत कहानी बयां करती है। कबीर बेदी इसमें अहम किरदार निभा रहे हैं। टीम ने प्रेस मीट के लिए एक हफ्ता पहले सभी मीडिया को न्योता दिया था। कबीर और अभिनेत्री भव्या विशेष तौर पर कोच्चि पहुंचे, मगर एक दिन पहले ममूटी टीम का ऐलान ने सब बिगाड़ दिया।
टीम का मानना है कि यह सुनियोजित था, क्योंकि ममूटी जैसे सुपरस्टार के आयोजन में मीडिया की भारी भीड़ उमड़ आती है। कोच्चि जैसे शहर में पत्रकार एक से कई बीट कवर करते हैं, इसलिए ऐसे टकराव इंडस्ट्री की परंपरा के विरुद्ध हैं। पीआर टीमें सामान्यतः तालमेल बिठाती हैं, लेकिन यहां आधी रात को फोन आया कि ममूटी टीम का कार्यक्रम प्राथमिकता पाएगा।
लाखों रुपये फूंक चुके थे, फिर भी दबाव में प्रेस मीट कैंसल कर दी गई। शाम पांच बजे सीमित मीडिया से छोटी बैठक हुई, लेकिन प्रमोशन को गहरा झटका लगा। निर्देशक सुधीर अट्टावर और निर्माता त्रिविक्रम सपल्या ने दर्द जताया कि यह व्यवहार मलयालम सिनेमा की छवि खराब करता है।
त्रिविक्रम ने बताया कि देशव्यापी प्रमोशन शानदार रहा, मंगलुरु में 100 से अधिक पत्रकार आए। फिल्म में मलयालम तकनीशियन और गायक हैं, इसके बावजूद बाधा। उन्होंने सवाल किया कि बेंगलुरु में कन्नड़ दर्शक मलयालम फिल्मों का साथ देते हैं, तो कोच्चि में ऐसा क्यों? इससे भाषाई तनाव बढ़ सकता है।
मलयालम सिनेमा के प्रशंसक कबीर बेदी ने कहा, ‘मैं सम्मान के लिए आया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हो सकता है ममूटी को पता न हो, लेकिन तय कार्यक्रम बाधित करना गलत। समन्वय जरूरी था।’ भव्या ने भी बेदी जैसे कलाकार के साथ दुर्व्यवहार की निंदा की। यह विवाद दक्षिण भारतीय सिनेमा की एकजुटता पर सवाल उठाता है।