
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए वरदान साबित हो रहा है। सूरत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम समयानुकूल है और निर्यात में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी लाएगा।
सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने कहा कि ईयू बाजार में टैक्स 10 प्रतिशत से घटकर 0-3 प्रतिशत हो गया है। इससे 91,000 करोड़ रुपये के मौजूदा निर्यात में भारी तेजी आएगी।
इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट के चेयरमैन दिनेश नावडिया ने इसे उद्योग के लिए बूस्टर शॉट बताया। वैश्विक चुनौतियों के बीच यह समझौता प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देगा।
मेरिल ग्रुप के डॉ. वैभव गर्ग ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मेडटेक कंपनियों को 50 करोड़ उपभोक्ताओं वाला बाजार मिलेगा। यह आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा।
पीएम मोदी ने इसे साझा समृद्धि का खाका बताया। उद्योग हितैषी आशावादी हैं कि यह सौदा नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।