
चीन में आबादी का संकट गहराता जा रहा है। सरकारी प्रयासों के बावजूद 2024 में केवल 79.2 लाख शिशुओं का जन्म हुआ, जो पिछले साल के 95.4 लाख से 17 प्रतिशत कम है। यह 1949 के बाद का सबसे निचला आंकड़ा है। कुल आबादी 33.9 लाख घटकर 140.49 करोड़ रह गई, जबकि मृत्यु संख्या 1.13 करोड़ तक पहुंच गई।
एक बच्चा नीति के लंबे प्रभाव ने प्रजनन आयु की महिलाओं की संख्या घटा दी है। युवा महंगाई, घरों की किल्लत और नौकरी की होड़ से परिवार शुरू करने से कतरा रहे हैं। शादियां 2024 में 61.06 लाख पर ठहर गईं, लेकिन 2025 के पहले तीन तिमाही में 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। शंघाई में 38.7 और फुजियान में 12 प्रतिशत की उछाल आई।
सरकार ने 10,800 युआन तक की चाइल्डकेयर सब्सिडी, प्रसव बीमा विस्तार, आसान शादी पंजीकरण और सख्त तलाक नियम जैसे कदम उठाए। जनसंख्या संघ का अनुमान है कि 2025 में 69 लाख शादियां और 2026 में 80 लाख से अधिक जन्म हो सकते हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ चेताते हैं कि बिना किफायती मकान, काम-जीवन संतुलन, लैंगिक समानता और विश्वसनीय देखभाल व्यवस्था के ये उपाय गिरावट को केवल धीमा करेंगे। आबादी का संकुचन अर्थव्यवस्था, पेंशन और उपभोक्ता बाजार को झकझोर सकता है। चीन को व्यापक सुधारों की जरूरत है।