
क्षेत्रीय तनाव के बीच जापान और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रियों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता की तैयारी जोरों पर है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी 30 जनवरी को योकोसुका नौसेना अड्डे पर अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष आह्न ग्यु-बैक से मुलाकात करेंगे। जापान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से स्थानीय मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों नेताओं के बीच निजी संबंधों को सशक्त बनाना तथा उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों से उत्पन्न खतरों का सामना करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना होगा। अन्य सुरक्षा मुद्दों जैसे समुद्री विवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा होगी। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने योकोसुका को स्थान के रूप में बताया।
यह बैठक उत्तर कोरिया द्वारा मंगलवार को जापान सागर की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद हो रही है। जापानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक मिसाइल 80 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंची और 350 किलोमीटर की दूरी तय की। जापान ने कड़ा विरोध जताया, जबकि प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने अधिकारियों को खुफिया जानकारी जुटाने और जहाजों-विमानों की सुरक्षा के निर्देश दिए।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ने प्योंगयांग के उत्तरी इलाके से दोपहर 3:50 बजे प्रक्षेपण की पुष्टि की। मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर गिरीं, कोई नुकसान नहीं हुआ। इस घटना ने दोनों देशों को एकजुट होने के लिए प्रेरित किया।
हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के जापान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ताकाइची से मुलाकात हुई। ली ने जटिल वैश्विक परिस्थितियों में कोरिया-जापान सहयोग की अहमियत बताई, पिछले 60 वर्षों के लाभकारी संबंधों का उल्लेख किया और भविष्य में इन्हें मजबूत करने की इच्छा जताई। ताकाइची ने क्षेत्रीय शांति के लिए साझा प्रयासों की प्रतिबद्धता दोहराई।
योकोसुका बैठक दोनों देशों के सैन्य सहयोग को नई दिशा दे सकती है, जो उत्तर कोरिया की आक्रामकता को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगी।