
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की हवाई दुर्घटना में मौत ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया। बुधवार सुबह बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड लियरजेट-45 (वीटी-एसएसके) रनवे से टकराकर फिसल गया और आग की लपटों में लिपट गया। विमान मुंबई से आ रहा था, जहां पवार स्थानीय निकाय चुनावों के लिए चार सभाओं को संबोधित करने वाले थे।
दिल्ली आधारित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का यह विमान 2014 से एनएसओपी परमिट पर संचालित हो रहा है, जो 2028 तक वैध है। फ्लीट में 17 विमान हैं। फरवरी 2025 के डीजीसीए ऑडिट में कोई बड़ी खामी नहीं मिली, हालांकि 2023 में इसी कंपनी का एक अन्य लियरजेट मुंबई में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
विमान में सवार पांचों—अजित पवार, पीएसओ विदिप जाधव, अटेंडेंट पिंकी माली, पायलट सुमित कपूर (15,000+ घंटे) और को-पायलट शाम्भवी पाठक (1,500 घंटे)—की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों पायलटों के सर्टिफिकेट हाल ही में रिन्यू हो चुके थे।
बारामती अनियंत्रित एयरफील्ड है। मुंबई से उड़ान भरने के बाद पुणे एप्रोच से क्लीयरेंस मिला। मौसम साफ था—हवा शांत, दृश्यता 3 किमी। पहले प्रयास में रनवे न दिखने पर गो-अराउंड, दूसरे में दिखने की सूचना दी। सुबह 8:43 पर लैंडिंग परमिट मिली लेकिन रीडबैक नहीं हुआ। अगले ही पल एटीसी ने रनवे थ्रेशोल्ड पर आग देखी—विमान बाएं फिसलकर क्रैश।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच अपने हाथ में ले ली। दिल्ली से टीम पुणे होते हुए बारामती रवाना। डीजीसीए मौके पर, ब्लैक बॉक्स की पड़ताल होगी। राजनीतिक हलकों में शोक की लहर, निजी विमानन सुरक्षा पर सवाल उठे।