
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के साहीवाल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 13 वर्षीय ईसाई छात्रा का अपहरण कर जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और एक मुस्लिम युवक से शादी कर दी गई। वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी (वीओपीएम) ने इस मानवाधिकार हनन की बुधवार को पोल खोली, जो धार्मिक अल्पसंख्यकों और बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाती है।
कक्षा छह की इस छात्रा के परिवार की हालत बेहद दयनीय है। मां पैर के फ्रैक्चर से विकलांग हैं, जबकि पिता शारीरिक रूप से अक्षम होकर अंडे बेचते हैं। बेटी के गायब होने से उनका संसार उजड़ गया है और धमकियां उन्हें चुप रहने पर मजबूर कर रही हैं।
आरोपी अली हैदर को मुस्लिम जट्ट समुदाय का बताया जा रहा है। समुदाय के लोग इसे बाल अधिकारों का क्रूर उल्लंघन बता रहे हैं। कई दिन गुजरने के बावजूद पुलिस की कोई प्रगति नहीं हुई।
वीओपीएम के अनुसार, ऐसी घटनाएं शक्ति असंतुलन वाली जगहों पर पनपती हैं, जहां अपराधी सजा से बचने का भरोसा रखते हैं। संगठन ने प्रशासन से लड़की की तत्काल बरामदगी, सुरक्षा और पारदर्शी जांच की मांग की है। इसे निजी मामला न बनाकर नाबालिग के खिलाफ अपराध मानें।
यह मामला पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षा की पोल खोलता है। सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई से ही ऐसी क्रूरताओं पर अंकुश लगेगा। न्याय की बेला अब जरूरी है।