
नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से बुधवार सुबह 7:30 बजे सीआईएसएफ की प्रमुख राष्ट्रव्यापी जागरूकता पहल ‘वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026’ का वर्चुअल शुभारंभ हुआ। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय मुख्य अतिथि बनकर हरी झंडी दिखाई।
इस 25 दिवसीय विशाल अभियान की शुरुआत के साथ पश्चिम बंगाल के बक्कखाली और गुजरात के लखपत से सीआईएसएफ की दो साइक्लिंग टीमें रवाना हुईं। ये टीमें पूर्वी-पश्चिमी तटों पर 6500 किमी की यात्रा कर 9 तटीय राज्यों व 2 केंद्रशासित प्रदेशों से गुजरेंगी, जो 22 फरवरी 2026 को कोच्चि में संपन्न होगी।
समारोह में युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, आईटीबीपी DG शत्रुजीत कपूर, सीआईएसएफ DG प्रवीर रंजन, एनआईए DG राकेश अग्रवाल, प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी, एसएसबी DG संजय सिंघल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इंडिया गेट के पास साइकिल रैली में भाग लेकर उन्होंने एकजुटता दिखाई।
मंत्री ने दूसरे संस्करण पर बोलते हुए ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया, जो स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा है। तटीय सुरक्षा के लिए समुदायों की भागीदारी जरूरी बताई। सीआईएसएफ को आईएसपीएस कोड में आरएसओ दर्जा मिलना गौरवपूर्ण बताया। यह पीएम मोदी के सागर विजन से जुड़ा है।
‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन व सीआईएसएफ बैंड ने देशभक्ति का माहौल बनाया। सीआईएसएफ महानिदेशक ने कहा कि यह अभियान गीत की भावना को समुद्री सुरक्षा में बदलता है।
लक्ष्य: तस्करी जागरूकता, साझेदारी मजबूत करना, शहीदों को श्रद्धांजलि, समुद्री विरासत का उत्सव, युवाओं में फिटनेस। मछुआरों को ‘तट प्रहरी’ कहा।
52 तटीय गांवों को गोद लेकर सीएसआर गतिविधियां: भर्ती जागरूकता, खेल, स्वच्छता, वृक्षारोपण, नशामुक्ति। 50% महिला साइकिलिस्ट। मुंबई, गोवा आदि में सेलिब्रिटी कार्यक्रम।
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