
हैदराबाद। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत में एयरपोर्ट्स और विमानों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। बेगमपेट एयरपोर्ट पर विंग्स इंडिया 2026 सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि अब देश विमान निर्माण इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
यह इकोसिस्टम केवल घरेलू जरूरतों को पूरा नहीं करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाएगा। सम्मेलन में नागरिक उड्डयन क्षेत्र, खासकर मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उड़ान योजना के फलस्वरूप यह प्रगति हुई है। नायडू ने ब्राजील की एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच हुए करार का जिक्र किया, जो देश में निर्माण इकोसिस्टम स्थापित करेगा।
इस सहयोग की समयसीमा अगले माह ब्राजील राष्ट्रपति के भारत दौरे पर तय होगी। मंत्री को अगले दो वर्षों में क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता की आशा है। उन्होंने बोइंग 787-9 विमान का निरीक्षण किया, जो एयर इंडिया के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
विमानों की उपलब्धता उद्योग की प्रमुख चुनौती है। बोइंग व एयरबस को बड़े ऑर्डर दिए गए हैं और डिलीवरी शुरू हो चुकी है। एयरबस व बोइंग भारत से दो अरब डॉलर के पुर्जे खरीद रहे हैं, जिससे कई निर्माण केंद्र उभर रहे हैं। भारत अब एविएशन में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।