
बिहार के सीतामढ़ी में केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जबरदस्त उत्साह का माहौल है। संसद के बजट सत्र की शुरुआत होते ही आम जनता, शिक्षक और विशेषज्ञ महंगाई रोकने, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार, नौकरियों के नए रास्ते और मध्यम वर्ग को सहूलियत की आशा बांधे हुए हैं।
स्थानीय निवासी आनंद कुमार का कहना है कि बजट मध्यम वर्ग के हित में होना चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा व बुनियादी सेवाओं पर अधिक निवेश से सीधे फायदा जन-जन को मिलेगा।
प्रमिला देवी ने अधीरता जताते हुए कहा, ‘महंगाई ने सबको परेशान कर रखा है। इस बजट से राहत की उम्मीद है। सामान्य सुविधाओं पर जोर हो और साधारण लोगों को अधिक लाभ मिले।’
उच्च शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. अपर्णा कुमारी ने शिक्षकों के वेतन को नियमित करने, टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और छूट का दायरा विस्तार की मांग की। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए जर्नल्स व इंफ्रास्ट्रक्चर पर संसाधन बढ़ाने का आह्वान किया।
अर्थशास्त्री प्रो. प्रभात कुमार ने सभी वर्गों के लिए संतुलित बजट की अपेक्षा की। नई शिक्षा नीति के लिए जीडीपी का 6 प्रतिशत देने का वादा पूरा हो, कृषि में तकनीक अपनाई जाए और बेरोजगारी पर कड़े कदम उठें, यही आस है।
सीतामढ़ी की यह आस पूरे देश की भावना को दर्शाती है, जहां बजट से समावेशी विकास की नई इबारत लिखने की चाहत है।