
महाराष्ट्र के बारामती में विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु से पूरा देश स्तब्ध है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूर्व एयर इंडिया पायलट मीनो वाडिया ने सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं और लोगों से जांच पूरी होने तक टिप्पणी न करने की अपील की है।
बारामती हवाई पट्टी पर दृश्यता सामान्य नहीं थी। वाडिया के अनुसार, पायलट ने पहली लैंडिंग असफल रही, इसलिए गो-अराउंड किया। दूसरी कोशिश में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कॉल का कारण स्पष्ट नहीं। इंजन फेलियर? एक इंजन पर भी लैंडिंग संभव होती है।
लैंडिंग गियर खराबी की अफवाहों को खारिज करते हुए वाडिया ने कहा कि ऐसी स्थिति में विमान रनवे से दूर नहीं गिरता। सुबह के धुंध का जिक्र किया गया, लेकिन समय सुबह 8:45-9 बजे का था, कोहरा नहीं था। दृश्यमानता प्रभावित थी, मगर यही एकमात्र कारण नहीं।
मीडिया द्वारा पायलट को दोषी ठहराने पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया। सभी पायलट प्रशिक्षित होते हैं। अहमदाबाद हादसे का उदाहरण देकर कहा कि जल्दबाजी गलत है।
भारत की विमानन सुरक्षा पर चिंता जताते हुए वाडिया ने स्वतंत्र जांच बोर्ड की मांग की। डीजीसीए को विशेषज्ञों की जरूरत है। वीआईपी उड़ानों में भी सुरक्षा सर्वोपरि।
संभावित कारणों में इंजन समस्या, रनवे नजर न आना शामिल हैं। जांच से ही सच्चाई खुलेगी। यह हादसा सुधार की मांग करता है।