
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ चल रहे टैरिफ विवाद को सुलझाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस मुद्दे पर ‘कुछ न कुछ’ हल निकाल लेगा। यह बयान तब आया जब उन्होंने ही इस हफ्ते सियोल पर पारस्परिक शुल्क बढ़ाने की चेतावनी दी थी।
व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया के साथ समझौता संभव है। इससे वॉशिंगटन और सोल के बीच गहन चर्चा की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान के जल्द अमेरिकी यात्रा की उम्मीद है, जहां वे वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात करेंगे।
विवाद की जड़ जुलाई के अंत में हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते में है। सियोल ने अमेरिका में 350 अरब डॉलर निवेश का वचन दिया, जिसके बदले अमेरिका ने टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया। लेकिन ट्रंप ने सियोल की देरी को दोष देते हुए कार, लकड़ी और दवाओं पर शुल्क बढ़ाने की धमकी दी।
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सियोल ने अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने में प्रगति नहीं दिखाई। इसके अलावा, कूपांग कंपनी के डेटा लीक की जांच और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण अमेरिका की चिंता बढ़ा रहे हैं। वॉन की कमजोरी से निवेश वादे प्रभावित होने का खतरा है।
ट्रंप का यह रुख व्यापार संबंधों को स्थिर करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। आने वाले दिनों में बातचीत के परिणाम वैश्विक बाजारों को प्रभावित करेंगे। क्या दोनों देश व्यापार संतुलन बहाल कर पाएंगे?