
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रभावशाली संबोधन से हुई। उन्होंने घोषणा की कि भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है, जो ब्लू इकोनॉमी की मजबूती का प्रतीक है। दूध उत्पादन में प्रथम स्थान सहकारी आंदोलन की जीत है।
न्याय व्यवस्था की कसौटी नागरिकों में सुरक्षा का भाव है। अविकसित इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य जारी है।
ग्रामीण रोजगार के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ कानून लाया गया, जो 125 दिनों का गारंटीड काम सुनिश्चित करता है। भ्रष्टाचार रोकने के उपायों से किसान, पशुपालक और मछुआरे लाभान्वित होंगे।
सिंधु जल संधि निलंबन आतंकवाद विरोधी रणनीति का हिस्सा है। मिशन सुदर्शन चक्र से रक्षा मजबूत हो रही है, माओवादियों पर कार्रवाई सफल रही।
महिला नेतृत्व वाले विकास पर जोर देते हुए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निकट है। मेक इन इंडिया उत्पाद वैश्विक बाजार जीत रहे हैं।
एआई के दुरुपयोग जैसे डीपफेक से लोकतंत्र खतरे में है, सतर्कता जरूरी। एनडीए से पहला महिला बैच पासआउट नारी शक्ति का प्रमाण।
60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण, 10 लाख को एआई। सोशल सिक्योरिटी 25 करोड़ से 95 करोड़ तक पहुंची। मुद्रा से 38 लाख करोड़, 12 करोड़ लोन। पीएम स्वनिधि से 72 लाख को 16 हजार करोड़। 2 लाख स्टार्टअप में 20 लाख रोजगार, 40% में महिला निदेशक।
सबका साथ सबका विकास से भारत विकसित बनेगा।