
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती के पास हुए विमान हादसे में निधन हो गया। इस भयानक दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे राज्य को शोक की लहर में डुबो दिया है।
राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक हर तरफ शोक संदेश आ रहे हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, ‘अजित पवार के अचानक निधन से स्तब्ध हूं। महाराष्ट्र ने एक निष्ठावान नेता खो दिया, जिन्होंने राज्य के लिए अथक परिश्रम किया। उनके परिजनों को मेरी गहरी श्रद्धांजलि। ॐ शांति।’
अजिंक्य रहाणे ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ‘उपमुख्यमंत्री अजित पवार दादा के निधन से व्यथित हूं। परिवार के प्रति संवेदना।’
अजित पवार महाराष्ट्र राजनीति के दिग्गज थे। 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर के देवलाली प्रवरा में जन्मे पवार अपने चाचा शरद पवार के सानिध्य में राजनीति में उतरे। पिता के असामयिक निधन के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर राजनीति को अपनाया।
1982 में सहकारी चीनी मिल चुनाव से करियर शुरू किया। 1991 में पुणे कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन बने और बारामती से लोकसभा भी जीती, बाद में चाचा के लिए सीट छोड़ी। 1995 से बारामती विधानसभा में लगातार जीतते रहे।
कई बार उपमुख्यमंत्री रह चुके पवार ने कृषि, जलसंसाधन, ऊर्जा जैसे विभाग संभाले। कृष्णा घाटी व कोकण सिंचाई योजनाओं से क्षेत्र का चेहरा बदल दिया। बारामती को विकास का मॉडल बनाया।
1985 में सुनेत्रा से विवाह, दो संतान पार्थ व जय। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।