
नई दिल्ली में 28 जनवरी को संसद का बजट सत्र शुरू हुआ, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र को संबोधन से हुई। यह सत्र दो चरणों में 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। 1 फरवरी को वित्त मंत्री आम बजट पेश करेंगी। सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने को तैयार है, वहीं विपक्ष आर्थिक-सामाजिक मोर्चों पर हमला बोलेगा।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने संसद को संबोधित करने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने पिछले वर्ष को भारत की तेज उन्नति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। ‘वंदे मातरम’ की 150वीं जयंती पर बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि के लिए सांसदों की सराहना की।
बाबासाहेब अंबेडकर की समानता और न्याय की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान इसी पर आधारित है। हर नागरिक को बिना भेदभाव के अधिकार मिलें।
सरकार के सच्चे सामाजिक न्याय से पिछले दशक में 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर निकले। तीसरे कार्यकाल में गरीब सशक्तिकरण योजनाएं तेज हुईं।
2026 के साथ भारत नई सदी के दूसरे चरण में। पहले 25 वर्ष उपलब्धियों से भरे। 10-11 वर्षों में सभी क्षेत्र मजबूत हुए, यह वर्ष ‘विकसित भारत’ का आधार बनेगा।
आयकर में ऐतिहासिक सुधार से 12 लाख तक आय करमुक्त। इससे गरीब-मध्यम वर्ग को राहत और अर्थव्यवस्था को गति मिली।