
महाराष्ट्र की राजनीति में भूकंप जैसे हालात पैदा कर देने वाले हृदयविदारक विमान हादसे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान ले ली। बुधवार को बारामती के निकट हुए इस क्रैश में विमान पर सवार पांचों लोगों की मौत हो गई। परिवारजन और समर्थक बारामती मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं, जहां मातम का सैलाब उमड़ पड़ा है।
एनसीपी के दिग्गज नेता अजित पवार का अचानक चले जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को हिला देगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गहन शोक जताते हुए कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अजित मेरे करीबी मित्र और पारिवारिक सदस्य जैसे थे। पार्टी व व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर उन्हें शांति प्रदान करें।’
पीयूष गोयल ने कहा, ‘हम सब आज शोकाकुल हैं। वह मेरे घनिष्ठ मित्र व महाराष्ट्र के प्रमुख नेता थे।’
भाजपा के सीआर पाटिल ने हादसे की पुष्टि की। ‘विमान की वास्तविक तस्वीरें देखीं, पांचों की मौत। अजित ने दशकों में मजबूत स्थान बनाया, महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका निधन राजनीति में अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार का सम्मान अपार था, प्रभाव को कोई चुनौती न दे सका। अब समीकरण बदलेंगे, लंबा प्रभाव रहेगा।’
जी किशन रेड्डी ने सराहा, ‘बहादुर नेता, विकास के बड़े फैसले, गरीब सेवा में समर्पित। परिवार, पार्टी, राज्य व देश को बड़ा झटका।’
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले, ‘महाराष्ट्र से दुखद समाचार। एनडीए के मजबूत सहयोगी, जनमानस में सम्मानित। पूरा देश शोक में।’
अजित पवार के योगदान—सिंचाई, विकास परियोजनाएं—हमेशा याद रहेंगी। जांच जारी है, पर राजनीतिक उथल-पुथल तय। महाराष्ट्र एक युग का अंत देख रहा है।