
महाराष्ट्र की राजनीति में भूकंपकारी घटना तब घटी जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान बारामती के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बुधवार सुबह मुंबई से जनसभा के लिए रवाना हुए पवार विमान में सवार थे। लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो चुके विमान ने जोरदार धांध के साथ जमीन से टक्कर ली और आग का गोला बन गया। दुर्भाग्य से विमान में सवार सभी लोग इस हादसे का शिकार हो गए।
इस विपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर लंबी बातचीत की। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी हासिल की और गहरा शोक जताया। एक्स पर पोस्ट में पीएम ने लिखा, ‘बारामती में हुए विमान हादसे से अत्यंत दुखी हूं। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। भगवान उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दें।’
अजित पवार को याद करते हुए मोदी जी ने कहा कि वे जमीनी नेता थे, जिनका जनता से गहरा लगाव था। प्रशासनिक कुशलता और गरीबों के उत्थान के लिए उनका समर्पण प्रेरणादायक था। उनका असामयिक निधन महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शोक संदेश जारी किया। उन्होंने पवार के तीन दशकों के योगदान को सराहा और एनडीए परिवार की ओर से समर्थन का भरोसा दिलाया। शाह इस समय बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि स्थिति का जायजा ले सकें।
बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग के दौरान हुई यह दुर्घटना कई सवाल खड़े कर रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या मौसम की भूमिका संदेह के घेरे में है। राज्य सरकार ने केंद्रीय नेतृत्व को लगातार अपडेट देते हुए जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं।
अजित पवार बारामती के सूरज की तरह चमके, जिन्होंने सिंचाई, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनकी विदाई से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। पूरे महाराष्ट्र में श्रद्धांजलि सभाएं हो रही हैं, जबकि परिवार शोक में डूबा है। यह घटना विमानन सुरक्षा पर पुनर्विचार की मांग को बल दे रही है।